जयपुर के सीतापुर औद्योगिक इलाके में इंडियन ऑयल कारपोरेशन [आईओसी] टर्मिनल के एक किलोमीटर दायरे को छोड़कर शेष क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां शुरू हो गई हैं, लेकिन जिला प्रशासन लगातार पांचवें दिन भी आग को काबू में लाने में सफल नहीं रहा।
जिलाधिकारी कुलदीप रांका के अनुसार हालात की समीक्षा करने के बाद आईओसी टर्मिनल से एक किलोमीटर के दायरे को छोड़कर शेष सीतापुर औद्योगिक क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों के कामकाज के लिए प्रबंधकों को जाने की अनुमति दे दी है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाई प्रबंधकों को निर्देश दिया गया है कि एहतियात के लिए बिजली लाइनों एवं भवनों की जांच के बाद ही कामकाज शुरू करें और फिलहाल भारी मशीनरी का उपयोग नहीं किया जाए।
रांका ने कहा कि सीतापुर क्षेत्र में शुक्रवार से बंद स्कूल और जयपुर-सवाई माधोपुर रेल मार्ग पर यातायात फिर से शुरू करने का निर्णय सोमवार शाम स्थिति की समीक्षा के बाद किया जाएगा। जिलाधिकारी के अनुसार आईओसी टर्मिनल में रविवार देर रात जिन तीन टैंकों में आग धधक रही है उनके ढक्कन तेज आवाज के साथ फटने से नजदीक ही रखे ऑयल के ड्रमों में आग लग गई, लेकिन उन पर जल्द ही काबू पा लिया गया। उन्होंने कहा कि आग कब बुझेगी इस बारे में फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा के निर्देश पर हादसे की जांच के लिए गठित कमिटी के अध्यक्ष बी लाल सोमवार को जयपुर पहुंचकर मामले की जांच शुरू करेंगे। उत्तर पश्चिम रेलवे के सूत्रों ने बताया कि जिला प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद ही जयपुर-सवाई माधोपुर रेल मार्ग पर यातायात बहाल किया जाएगा। इस मार्ग से आने-जाने वाली गाड़ियां परिवर्तित मार्ग से चल रही हैं। दिल्ली, मुंबई एवं मथुरा रिफाइनरी से आए विशेषज्ञ और सेना के जवान बचाव कार्य में जिला प्रशासन की मदद कर रहे हैं।
गौरतलब है कि आईओसी टर्मिनल में गुरुवार की शाम 11 टैंकों में आग लगने से अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है और 150 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
नितिन शर्मा (news with us)
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