मुजफ्फरनगर. दारूल उलूम ने शनिवार को फतवा जारी कर मुस्लिमों से योगगुरू बाबा रामदेव के शिविर में जाने से परहेज करने को कहा है। कहा गया है कि बाबा के योग शिविर राष्ट्र गीत वंदे मातरम के गायन के साथ शुरू होते हैं जो कि गैर इस्लामी है। यह संस्था पहले ही वंदे मातरम को इस्लाम विरोधी करार देते हुए फतवा जारी कर चुकी है। दारूल उलूम के फतवा विभाग के उपप्रभारी मुफ्ती एहसान काजमी ने कहा, ‘वंदेमारतम प्रार्थना है और इस्लामी कानून के विरुद्ध है। इस्लाम में अल्लाह के अलावा किसी की प्रार्थना नहीं की जाती है। इसलिए मुस्लिमों को वंदेमातरम नहीं गाना चाहिए।’ हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि व्यायाम के तौर पर योग किया जा सकता है। देवबंद में चार दिन पहले जमीयत-उलेमा-ए-हिंद की 30वीं महासभा में मुस्लिम उलेमाओं के बीच बाबा रामदेव ने प्राणायाम करके दिखाया था और हिंदू पुजारी द्वारा वैदिक श्लोक का पाठ किया गया था। बाद में, जमीयत-उलेमा-ए-हिंद ने वंदेमारतम को ‘गैर-इस्लामी’ बताते हुए मुस्लिमों को इसे न गाने का प्रस्ताव पारित किया था।मुजफ्फरनगर. दारूल उलूम ने शनिवार को फतवा जारी कर मुस्लिमों से योगगुरू बाबा रामदेव के शिविर में जाने से परहेज करने को कहा है। कहा गया है कि बाबा के योग शिविर राष्ट्र गीत वंदे मातरम के गायन के साथ शुरू होते हैं जो कि गैर इस्लामी है। यह संस्था पहले ही वंदे मातरम को इस्लाम विरोधी करार देते हुए फतवा जारी कर चुकी है। दारूल उलूम के फतवा विभाग के उपप्रभारी मुफ्ती एहसान काजमी ने कहा, ‘वंदेमारतम प्रार्थना है और इस्लामी कानून के विरुद्ध है। इस्लाम में अल्लाह के अलावा किसी की प्रार्थना नहीं की जाती है। इसलिए मुस्लिमों को वंदेमातरम नहीं गाना चाहिए।’ हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि व्यायाम के तौर पर योग किया जा सकता है। देवबंद में चार दिन पहले जमीयत-उलेमा-ए-हिंद की 30वीं महासभा में मुस्लिम उलेमाओं के बीच बाबा रामदेव ने प्राणायाम करके दिखाया था और हिंदू पुजारी द्वारा वैदिक श्लोक का पाठ किया गया था। बाद में, जमीयत-उलेमा-ए-हिंद ने वंदेमारतम को ‘गैर-इस्लामी’ बताते हुए मुस्लिमों को इसे न गाने का प्रस्ताव पारित किया था।
नितिन शर्मा (news with us)
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