Sunday, January 17, 2010

सात माह बाद बलात्कार का आरोप

कोटा। दशहरा मैदान में रहने वाली एक किशोरी ने शनिवार को पुलिस अधिकारियों के सामने सात माह पूर्व एक प्रमुख राजनीतिक दल के कार्यकर्ता पर ज्यादती का आरोप तो लगाया, लेकिन उसने इसकी एफआईआर दर्ज कराने से इनकार कर दिया। इस मामले में पुलिस रात तक एफआईआर का इंतजार करती रही।
दशहरा मैदान में रहने वाली यह किशोरी सात माह से गर्भवती है। शहर की एक महिला सामाजिक कार्यकर्ता को उसने बताया कि सात माह पूर्व एक राजनीतिक दल की महिला कार्यकर्ता उसे बहला फुसलाकर ले गई। महिला कार्यकर्ता के पास ही रहने वाले एक अन्य कार्यकर्ता ने उसके साथ ज्यादती की। सामाजिक कार्यकर्ता किशोरी को लेकर शनिवार को पहले पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय गई, लेकिन पुलिस महानिरीक्षक कोटा से बाहर थे। बाद में किशोरी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक [मुख्यालय] हनुमान प्रसाद मीणा से मिली और सारी बात बताई।
मीणा ने किशोरपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दी और संबधित उप अधीक्षक और थानाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, लेकिन किशोरी थाने नहीं पहंुची। थाने में अधिकारी रात आठ बजे तक उनका इंतजार करते रहे। बाद में अधिकारियों ने सामाजिक कार्यकर्ता को फोन किया तो कार्यकर्ता ने किशोरी का पता बताया। पुलिस किशोरी के घर पहंुची तो परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज कराने से मना कर दिया। पुलिस महानिरीक्षक राजीव दासोत ने बताया कि यदि किशोरी या उसके परिजन रिपोर्ट दर्ज कराते हैं तो पुलिस जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।

कोटा। दशहरा मैदान में रहने वाली एक किशोरी ने शनिवार को पुलिस अधिकारियों के सामने सात माह पूर्व एक प्रमुख राजनीतिक दल के कार्यकर्ता पर ज्यादती का आरोप तो लगाया, लेकिन उसने इसकी एफआईआर दर्ज कराने से इनकार कर दिया। इस मामले में पुलिस रात तक एफआईआर का इंतजार करती रही।
दशहरा मैदान में रहने वाली यह किशोरी सात माह से गर्भवती है। शहर की एक महिला सामाजिक कार्यकर्ता को उसने बताया कि सात माह पूर्व एक राजनीतिक दल की महिला कार्यकर्ता उसे बहला फुसलाकर ले गई। महिला कार्यकर्ता के पास ही रहने वाले एक अन्य कार्यकर्ता ने उसके साथ ज्यादती की। सामाजिक कार्यकर्ता किशोरी को लेकर शनिवार को पहले पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय गई, लेकिन पुलिस महानिरीक्षक कोटा से बाहर थे। बाद में किशोरी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक [मुख्यालय] हनुमान प्रसाद मीणा से मिली और सारी बात बताई।
मीणा ने किशोरपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दी और संबधित उप अधीक्षक और थानाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, लेकिन किशोरी थाने नहीं पहंुची। थाने में अधिकारी रात आठ बजे तक उनका इंतजार करते रहे। बाद में अधिकारियों ने सामाजिक कार्यकर्ता को फोन किया तो कार्यकर्ता ने किशोरी का पता बताया। पुलिस किशोरी के घर पहंुची तो परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज कराने से मना कर दिया। पुलिस महानिरीक्षक राजीव दासोत ने बताया कि यदि किशोरी या उसके परिजन रिपोर्ट दर्ज कराते हैं तो पुलिस जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
नितिन शर्मा (news with us)

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